ब्रेकिंग न्यूज़ मप्र / हनी ट्रैप: महिलाओं ने विधायक को भी ब्लैकमेल किया, पूर्व सांसद ने परेशान होकर खुदकुशी की कोशिश की थी                नई दिल्ली। मोदी सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया से आगे सड़क पर होना : सोनिया गांधी                भोपाल। प्रो॰ अग्रवाल एपीएस विवि रीवा के कुलपति नियुक्त।                भोपाल। कमलनाथ के खिलाफ षड्यंत्र कर रही है भाजपा : पूर्व राज्यपाल कुरैशी।                  
बैसाखी का त्यौहार

14 अप्रैल शनिवार को बैसाखी का त्योहार पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। बैसाखी के दिन सूर्य की मेष संक्रांति होती है। इसका अर्थ है कि इस दिन सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं। मकर संक्रांति की तरह ही बैसाख माह की इस संक्रांति का विशेष धार्मिक और सामाजिक महत्व है। बैसाखी, दरअसल सिख धर्म की स्थापना और फसल पकने के प्र‍तीक के रूप में मनाई जाती है. इस महीने खरीफ फसल पूरी तरह से पक कर तैयार हो जाती है और पकी हुई फसल को काटने की शुरुआत भी हो जाती है. ऐसे में किसाना खरीफ की फसल पकने की खुशी में यह त्यौहार मनाते हैं. 13 अप्रैल 1699 के दिन सिख पंथ के 10वें गुरू श्री गुरू गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी, इसके साथ ही इस दिन को मनाना शुरू किया गया था. आज ही के दिन पंजाबी नए साल की शुरुआत भी होती है.

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