ब्रेकिंग न्यूज़ लखनऊ। देश मे अगर समाजवादियों को कभी किसी ने धोका दिया है तो वो है कॉंग्रेस,अखिलेश यादव।                दिल्ली,अब यौन उत्पीड़न के आरोपो की जांच 3 जजो की कमेटी करेगी,सीजेआई।                दिल्ली,बिलकिस बानो को सुप्रीम कोर्ट ने 50 लाख रूपय,घर, और नौकरी देने का निर्देश दिया।                भोपाल। व्यापारी की कार से 25.50 लाख रूपए चेकिंग के दौरान बरामद किए।                दिल्ली,मानहानि के केस मे कोर्ट ने केजरीबाल,सिसोदिया और योगेन्द्र यादव के खिलाफ जारी किया गैर जमानती वारंट।                धर्म के नाम पर जीतने का षड्यंत्र शुरू कर दिया भाजपा, सिंह                भोपाल। परिवार के शादी मे जाने के बाद बेटे ने फांसी लगा कर की आत्महत्या।                भाजपा, कांग्रेस कि लोकतन्त्र बहस मे गायब हुई, आम आदमी कि ज्वालंत समस्या।                अज्ञात व्यक्ति ने कि सिर पर कुल्हाड़ी मार कर किसान कि हत्या।                प्रज्ञा का चुनाव लड़ना, लोकतन्त्र के साथ खिलबाड़, कमलनाथ                हमीदिया, 53 मदर्स वार्ड बनने से महिलाओ को मिली सहूलियत।                भोपाल,सफाई परीक्षा बड़ी, अब एक बार नहीं माह मे तीन तीन बार होगी जांच।                भोपाल। 16 वर्षीय किशोरी छात्रा के साथ दुष्कर्म ।                भोपाल। एक महिला की सजगता से एसबीई के एटीएम मे चोरी की वारदात होने से बची ।                भोपाल। कमलनाथ को महंगा पड़ा, भाजपा मंत्री पर टिप्पणी करना,शिकायत दर्ज                UG के छठवे सेमेस्टर की परीक्षा 1 मई से शुरू होगी                  
नारी सशक्तिकरण में मील का पत्थर साबित हुई है मैरी कॉम

              मुक्केबाज मैरी कॉम ने छठवीं बार विश्व चैंपियन बन कर इतिहास रच दिया .एक दुबली पतली गरीब घर की लड़की ने जिस तरह से उपलब्धियों के आसमान को छुआ है वह पूरी नारी जाति के लिए मिसाल है.ज्यादातर महिलाएं अपनी कमजोरी के लिए अपने परिवार, किस्मत और खुद महिला होने को जिम्मेदार मानती है. उन्हें लगता है कि उन्हें सपने देखने का हक़ नहीं है.वे महिला है उनका कोई साथ नहीं देगा, घर परिवार की जिम्मेदारी के साथ वे कभी अपने सपने पूरे नहीं कर सकती है. मेरी कॉम खेतो पर काम करती थी .कठिन परिस्थितयो से जूझती मेरीकॉम ने खुद अपना मुकाम हासिल किया है.उनके मुक्के में वो दम था कि अच्छे अच्छे उनके सामने टिक नहीं पाए. एक मजदूर परिवार में जन्म लेने वाली लड़की के लिए शिखर तक सफर आसान नहीं था . पग पग पर चुनौतियां और हौसलों को तोड़ देने वाली बाधाएं रास्ते में मिली. मैरी कॉम के अभिभावकों के पास एक मिट्टी की झोंपड़ी थी. उन्हें भी बचपन खेतों में मजदूर के तौर पर काम करना पड़ा. ये वो दौर था जब उनके पास सपनों की उडाऩ के लिए पंख बेशक नहीं थे लेकिन इरादे जरूर मजबूत थे.भारत की जानी -मानी चैंपियन बॉक्सर मैरी कॉम ने इस मुश्किल सफर की हर बाधा को लांघकर दिखा दिया और ये उनके विलपॉवर की एक बहुत बड़ी मिसाल भी हैं. इसीलिए उन्हें लौह महिला भी कहा जाता है.  ज्यादातर महिलाएं शादी के बाद अपने कैरियर को छोड़ देती है. कई बार उनमे काफी प्रतिभा होती है लेकिन समय की गर्त में सब धूमिल हो जाती है. उन्हें लगता है कि परिवार और कैरियर दोनों एक साथ चलाना काफी मुश्किल है. मेरीकॉम ये मिथक को भी तोड दिया है.शादी और बच्चे पैदा होने के बाद भी वह  बॉक्सिंग रिंग में टिकी हुई है . उनके तीन बच्चे है.घर पर रहने के दौरान वे एकदम गृहणी और माँ वाले रूप में रहती है.अब वह मणिपुर पुलिस में सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (स्पोर्ट्स) हैं. उनका जीवन ये बताता है कि अगर दृढइच्छाशक्ति हो तो सारी राहें आसान हो जाती हैं. फिर वही होता है जो आप चाहते हैं.

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प्रधान संपादक सहायक-संपादक समाचार संपादक
सैफु द्घीन सैफी राकेश शर्मा डॉ मीनू पांडे
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