ब्रेकिंग न्यूज़ ग्वालियर। यूनियन बैंक मे खाते से 60 लाख की ठगी,कोर्ट के निर्देश पर एफआईआर।                जबलपुर। बालक से दुष्कृत्य करने वाले को 10 साल सश्रम कारावास।                भोपाल। सिंधिया के ब्यान पर सज्जन सिंह बोले- सीएम, मंत्री और ब्यूरोक्रेसी अलग-अलग।                नई दिल्ली। एसबीआई के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर चार्ज खत्म।                अहमदाबाद। एडीसी बैंक मानहानि केस मे राहुल गांधी को मिली जमानत।                इंदौर। रेलवे मे रद्द टिकटों से कमाए 1.536 करोड़ रू॰।                  
एम्स मे पकड़ाया फर्जी डॉक्टर नौकरी के नाम पर ठग रहा था।

भोपाल। (सुलेखा सिंगोरिया) आरोपी आनंद मिश्रा गोंडा उप्र का रहने वाला हैं। एम्स अस्पताल मे नौकरी लगवाने के नाम पर लोगो से लाखो रूपय ठगने वाले 12वी पास फर्जी डॉक्टर आनंद मिश्रा को पुलिस ने किया गिरफ्तार। आरोपी आनंद 18 से 20 जनवरी 2019 को एम्स ॠषीकेश से आयोजित वर्कशॉप मे शामिल हुआ था। उसने डाइस पर खड़े हो कर फोटो भी खिचवाया। उसने यह फोटो सोशल साइट पर भी शेयर किया था। आरोपी खुद को एम्स मे डॉक्टर बताकर यहां मरीजो का इलाज भी करता था। गुरुवार को उसने लोगो को अपाइंटमेंट लेटर देने के लिए एम्स बुलाया और आंकोलॉजी डिपार्टमेंट मे बैठकर भर्ती प्रक्रिया कर रहा था। नर्सिंग स्टाफ को शक हुआ तो पुलिस बुलाई। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ कर रही हैं। टीआई बागसेवनिया उमराव सिंह ने बताया कि 12वी पास आनंद खुद को एम्स का रेजिडेंट डॉक्टर बताया था। उसने खरगापुर, टीकमगढ़ निवासी सगे भाइयो दीपक जैन और विकास जैन को एम्स मे नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। वह दोनों भाइयो से एक लाख 20 हज़ार रूपय ले चुका था। आनंद  के पास से 10 से ज़्यादा फर्जी सील समेत अन्य दस्तावेज़ मिले हैं। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगा रही है की उसने और कितने लोगो से धोखाधड़ी की है। आरोपी की सगाई 18 अप्रैल को शिखा शुक्ल नामक युवती से हुई हैं।शिखा ने अपनी प्रोफ़ाइल मे खुद को एम्स दिल्ली मे काम करना लिखा हैं।

डांटकर पानी मांगा तो संदेह हुआ........ 

एम्स सूत्रो की मानो तो दोपहर 12:30 बजे आनंद विकास समेत दूसरे लोगो के साथ न्यूरो सर्जरी डिपार्टमेन्ट पहुंचा। बाद मे आंकोलॉजी डिपार्टमेन्ट गया। यहां खाली कैबिन मे बैठ गया और हाउस कीपिंग स्टाफ को डांटते हुये पानी के लिए कहा। समान्यतौर पर डॉक्टर ऐसा नहीं करते है इसलिए स्टाफ को संदेह हुआ। हाउस किपिंग स्टाफ ने नर्सिंग स्टाफ को बताया। तब रेडियोलॉजी डिपार्टमेन्ट के डॉक्टर को बुलाया गया। उन्होने आनंद से आई कार्ड दिखाने को बोला तो आनंद ने गाड़ी मे होने का बहाना बनाया। संदेह होने पर डॉक्टर से पुलिस के हवाले कर दिया।

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प्रधान संपादक सहायक-संपादक समाचार संपादक
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