ब्रेकिंग न्यूज़ क्रिकेट। धोनी और जाधव ने निराश किया : सचिन तेंदुलकर।                इंदौर। केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर से हटाएगी धारा 370 : कैलाश विजयवर्गीय।                चैन्नई। इंदिरा गांधी को अरेस्ट करने वाले पूर्व डीजीपी का निधान।                क्रिकेट। आक्रामक अपील, विराट पर मैच फीस का 25% जुर्माना।                  
सरकार को बचत कि चिंता लोग भले हादसो के शिकार हो

भोपाल।(सुलेखा सिंगोरिया) शहर मे स्ट्रीट लाइट बंद होने और सड़क निर्माण के कारण आय दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। अन्ना नगर से लेकर कॅरियर कॉलेज तिराहे के बीच स्ट्रीट लाइट का बंद होने और सेंट्रल वर्ज का निर्माण के कारण बीते 25 दिन मे चार सड़क हादसे हो चुके हैं जिसमे एक कि हादसे मे मौत हो चुकी है जबकि चार गंभीर हालत मे अभी भी हॉस्पिटल मे हैं। अंधेरे के चलते वाहन चालक हादसे का शिकार हो रहे हैं। दूसरी तरफ बिना किसी तय प्रक्रिया के निर्माण कार्य 8 करोड़ रूपय बचाने के लिए अन्न नगर चौराहे से लेकर गोविंदपुरा थाने के बीच स्ट्रीट लाइन ऑन नहीं कि जा रही हैं।

स्ट्रीट लाइट बंद रखने का कारण.....

स्ट्रीट लाइट पर हर साल भेल का करीब 16 करोड़ रूपय खर्च होते हैं। इसी खर्च को बचाने के लिए स्ट्रीट लाइट बंद करने का निर्णय लिया गया हैं। लाइट बंद होने से सूत्रो के अनुसार भेज प्रशासन को 8 करोड़ कि बचत होने लगी हैं। अंधेरे के चलते फिर चाहे इसके लिए लोगो को अपनी जान ही क्यो ना गवानी पड़े।

नियम के अनुसार निर्माण एजेंसी होती जिम्मेदार....

सड़क पर होने वाला किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य आईआरसी एमपी 33 के तहत होता हैं। इसमे ट्रैफिक कंट्रोल से लेकर, सेफ़्टी, वाहन चालक और पैदल चलने वालों के साथ ही काम करने वालों कि सुरक्षा के लिए बरते जाने के नियम और निर्देश स्पष्ट है। ऐसे अगर कोई हादसा होता हैं तो निर्माण एजेंसी पूरी तरह से जिम्मेदार होती हैं।

कानून...धारा 288, 431 के तहत केस दर्ज....

कार्य निर्माण के दौरान किसी भी लापराही के चलते अगर किसी भी के भी जीवन पर किसी प्रकार का संकट आता हैं तो ऐसे मामले मे धारा 288 के तहत कार्रवाई का प्रावधान हैं किसी भी मार्ग को बिना कोई पूर्व सूचना के खोदना, जिससे हादसे कि आशंका बढ़ जाए। ऐसी स्थिति मे धारा-431 के तहत कार्रवाई के प्रावधान हैं।

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प्रधान संपादक सहायक-संपादक समाचार संपादक
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