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भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय के विरोध प्रदर्शन मे निलंबित पुलिस कर्मियों की जांच दुबारा से होगी।

इंदौर (मीना रमानी) भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय और उनके नेतृत्व मे काम करने वाले कार्यकर्ताओ पर बिजली कटौती को लेकर केस दर्ज करने के मामले मे सस्पेंड किए गए, चार पुलिसकर्मियो की जांच अब एसपी पश्चिम पुलिस करेगी। भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय सहित 40 से ज़्यादा भाजपा कार्यकर्ता के खिलाफ धारा 188 का केस दर्ज किया हैं। एसएसपी ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान एमजी रोड थाने के एसआई बृजेन्द्र रघुवंशी, पंढरीनाथ थाने के योगेश गरासिया, एस एआई देवराज सिंह (एमजी रोड) और एसआई अली को प्रथमद्रष्ट्या सस्पेंड किया गया हैं। हम पूरे मामले कि विडियोग्राफी से जांच करवा रहे हैं। यही पुलिस कर्मियों कि कोई लापरवाही नहीं पाई जाती हैं तो उन्हे फिर वापिस नौकरीपर ले लिया जाएगा। इधर सूत्रो ने बताया  कि जिन पुलिसकर्मियो को सस्पेंड किया हैं, उन्हे मौके पर मौजूद किसी भी वरिष्ठ अधिकारी ने पुतला छीनने के कोई आदेश नहीं दिये थे। इसी कारण वे चुप खड़े रहे। वही कुछ अधिकारियों ने कार्रवाई से बचाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियो से कहा कि उन्होने निर्देश दिये थे, लेकिन चारो पुलिसकर्मियो ने निर्देश सुने ही नहीं। पुलिसकर्मियों को लॉ एन ऑर्डर बिगड़ने कि धमकी भाजपा नेताओ ने दी थी। इसलिए भी उन्होने किसी से कोई रोका-टोका नहीं की, वही उन्हे सस्पेंड किया गए पुलिसकर्मियो का कहना था कि उन्हे किसी वरिष्ठ अधिकारी ने पुतला छीनने के लिए नहीं कहा था। इसी स्पष्ट है कि इंदौर पुलिस पर भाजपा और कॉंग्रेस दोनों का दबाव हैं। हालांकि कि एसएसपी रुचि वर्धन मिश्र ने किसी भी राजनीतिक दबाव से इंकार किया हैं।   

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सैफु द्घीन सैफी डॉ मीनू पाण्ड्य
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