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अलग-अलग समाज की कमेटियाँ, 60 फीसदी विवाद समझाइश से सुलझाती हैं।

भोपाल।(सुलेखा सिंगोरिया) घरेलू, संपत्ति और सामाजिक विवादो को सुलझाने के लिए कई समाजो के लोगो ने अपने-अपने समाजो की समितियां बनाई हुई हैं।

विप्र समाज- के अध्यक्ष दिनेश शर्मा, अधिवक्ता अशोक शर्मा काउन्सलर कादंबिनी शर्मा, श्वेता अग्रवाल व समाजसेवी देवेंद्र थापक समेत हर शुक्रवार व शनिवार को विवादित मामलो की काउन्सलिन्ग अगुवाई मे विश्वकर्मा नगर करोंद मे समाज के मसले सुलझाने के संबंध ने बैठक सकते हैं। जहां,आवेदन के साथ ही शपथ-पत्र भरवाया जाता हैं कि हमारी सलाह को मानेगे।

फूलमाली समाज- समाज के अध्यक्ष गीता प्रसाद माली बताती हैं कि भारत टॉकीज स्थित समाज के राधा-कृष्ण मंदिर मे होती हैं। इसमे पहले दोनों पक्षो से पाँच-पाँच हजार का मुचलका इस शर्त पर भरवाया जाता हैं कि उन्होने कमेटी का फैसला नहीं माना तो उनके द्वारा दी हुई रकम वापिस नहीं कि जाएगी। माली के महापंचायत के अध्यक्ष हरिनारायण माली ने बताया कि इस प्रयास से समाज के लगभग 60 फीसदी मामले  सुलझ ही जाते हैं।

मुस्लिम समाज- रियासत काल से कायम कजियात को लेकर धारणा यही हैं कि यहा सिर्फ निकाह ओर तलाक के मामले ही आते हैं। लेकिन अब एक बदलाव देखने मे आ रहा हैं। कई लोग पारिवारिक एवं प्रॉपर्टी के मामले लेकर यहा आ रहे हैं। शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने बताया कि कजीयत मे लोग निजी एवं पारिवारिक विवाद लेकर आते हैं। जिसे शरीयत कि रोशनी मे सुलझाये जाते हैं।

सिंधी समाज- सिंधी सेंट्रल पंचायत कमेटी के अधिवक्ता बंसीलाल इसरानी बताते हैं कि सात साल पहले यह सेंटर शुरू हुआ था। अब तक करीब 300 से अधिक मामले सुलझाए जा चुके हैं। अधीन पारिवारिक विधिक सहायता व परामर्श सेंटर मे हर शनिवार पारिवारिक मसले सुलझाए जाते हैं।

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सैफु द्घीन सैफी डॉ मीनू पाण्ड्य
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