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मुरैना-भिंड की तीन फैक्ट्रियाँ दूध सप्लाई के नाम पर कर रही है जहरीले केमिकल वाले दूध का व्यापार।

ग्वालियर। दूध के नाम पर दिया जा रहा हैं जहरीला केमिकल। 20 दिन पहले मिली शिकायत के बाद एसटीएफ की 20 टीमों ने भिंड-मुरैना मे सिंथेटिक दूध, मावा बनाने वाली तीन अम्बाह में वन खंडेश्वरी डेयरी एंड फैक्ट्री संचालक देवेंद्र गुर्जर, लहार में गिर्राज फूड सप्लायर फैक्ट्री संचालक संतोष सिंह, आईस फैक्ट्री एवं चीलिंग सेंटर लहार फैक्ट्री संचालक राजीव गुप्ता फैक्ट्रियों और इन्हें केमिकल और रॉ मटेरियल सप्लाई करने वाले दो सप्लाई सेंटरों पर एक साथ छापा मारा। इन फैक्ट्रियो से मप्र, राजस्थान, हरियाणा, उप्र और दिल्ली में रोजाना करीब डेढ़ लाख लीटर सिंथेटिक दूध सप्लाई किया जाता है। एसटीएफ की टीम ने यहाँ से बड़ी मात्रा में केमिकल व मिलावटी 14 हजार लीटर से ज्यादा दूध, 100 किलो मावा, 1500 किलो पनीर जब्त किया। और साथ ही 57 लोगो को गिरफ्तार किया।  एसपी एसटीएफ भोपाल राजेश सिंह भदौरिया ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने दूध बनाने वाले चार बड़े ब्रांड के नाम भी बताए हैं। कंपनियों के क्वॉलिटी कंट्रोल के लोगों से आरोपियों की साठगांठ थी, जिसके चलते वे आसानी से सिंथेटिक दूध सप्लाई कर देते थे। मिलीभगत होने के कारण क्वॉलिटी कंट्रोल वाले सिंथेटिक दूध को हानिकारक नहीं बताते थे। फिर यही दूध आपके और हमारे घरों में पहुंचने वाले दूध में मिला दिया जाता था। यही दूध मे भोपाल में रोज 2.70 लाख लीटर दूध सप्लाई किया जाता हैं। दुग्ध संघ को 2500 सहकारी समितियों के एक लाख किसान दूध सप्लाई करते हैं। मालीबायां, बैतूल, मुलताई समेत 28 चीलिंग सेंटरों से टैंकरों के जरिए 3.70 लाख लीटर दूध पहुंचता है। भोपाल के 14 जिलो मे 2.70 लाख लीटर दूध सप्लाई होता हैं।

शमीमुद्दीन, सीईओ, भोपाल दुग्ध संघ- शिकायत मिली थी कि नरसिंहगढ़ क्षेत्र से केमिकल वाला दूध पहुंच रहा है। टीम भेजकर जांच कराई गई, लेकिन वहां ऐसा कुछ नहीं मिला। हमारी क्वालिटी कंट्रोल के लोगो से कोई मिलीभगत नहीं है। दूध की क्वालिटी की जांच के लिए विशेष टीम भी बनाई गई है। 

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प्रधान संपादक समाचार संपादक
सैफु द्घीन सैफी डॉ मीनू पाण्ड्य
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