ब्रेकिंग न्यूज़ नई दिल्ली। मोदी सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया से आगे सड़क पर होना : सोनिया गांधी                भोपाल। प्रो॰ अग्रवाल एपीएस विवि रीवा के कुलपति नियुक्त।                भोपाल। कमलनाथ के खिलाफ षड्यंत्र कर रही है भाजपा : पूर्व राज्यपाल कुरैशी।                विदिशा। मत भरो बिजली के बिल, वे लाइन काटेंगे, हम जोड़ देंगे : शिवराज सिंह चौहान                मध्य प्रदेश / 20 साल पहले सास फर्जी मार्कशीट से शिक्षक बनी थी, बहू की शिकायत पर बर्खास्त                अहमदाबाद। मुझे विश्वास है लोगों की जान बचाने के लिए सभी राज्य केंद्र का एक्ट लागू करेंगे : केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी                नई दिल्ली - जो भारत विरोधी गतिविधियों में लगे हुए हैं, उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी : केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह                  
आग बुझाने पहुंचे फायर ब्रिग्रेड को फायर फायटिंग सिस्टम मे मिले कपडे और कागज।

भोपाल(सुलेखा सिंगोरिया) आग बुझाने पहुंचे फायर ब्रिग्रेड को केबल के ढेर के साथ कपड़ा, कागज और फर्नीचर भरा मिला फायर फाइटिंग सिस्टम। बिट्‌टन मार्केट स्थित मेट्रो प्लाजा के फर्स्ट फ्लोर पर एक कमरे में आग लग गई। फायर अमले ने जैसे ही इस कमरे के दरवाजे को तोड़ा तो उसमें केबल के ढेर के साथ कपड़ा, कागज और फर्नीचर भरा हुआ था। बिल्डिंग में लगा फायर फाइटिंग सिस्टम बंद पड़ा हुआ था। आग लगने के बाद पूरे कॉम्प्लेक्स में धुआं भर गया।

सुबह 10 बजे आग की सूचना मिलने पर फतेहगढ़, कोलार, माता मंदिर और पुल बोगदा स्थित फायर स्टेशन से 5 फायर ब्रिगेड पहुंचीं। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। कोलार फायर ब्रिगेड प्रभारी पंकज खरे ने बताया कि पूरी बिल्डिंग में धुआं ही धुंआ भरा हुआ था। इस बिल्डिंग की ऊपरी दो मंजिलों पर विद्युत नियामक आयोग का दफ्तर है। इसके अलावा यहां आयकर विभाग का दफ्तर है और साथ में एक सहकारी बैंक व बड़ी संख्या में दुकानें हैं। पंकज खरे ने बताया कि यदि फायर फाइटिंग सिस्टम ठीक से काम कर रहा होता तो बिल्डिंग के व्यवसायी ही आग बुझा सकते थे। मेट्रो प्लाजा का मेंटेनेंस करने वाली सोसायटी को नोटिस जारी किया जाएगा।

खरे ने बताया कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में जानकारी दे दी है।  जनवरी में भी इसी कॉम्प्लेक्स की दूसरी मंजिल पर आग लग गई थी। उस समय भी निगम ने बिल्डिंग मेंटेनेंस कर रही सोसायटी को नोटिस भी दिया था, लेकिन कोई अंतर नहीं आया। निगम अफसरों का तर्क है कि फायर एक्ट लागू होने के बाद ही कोई प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी। 

Advertisment
 
प्रधान संपादक सहायक-संपादक समाचार संपादक
सैफु द्घीन सैफी राकेश शर्मा डॉ मीनू पांडे
Copyright © 2016-17 LOKJUNG.com              Service and private policy              Email : lokjung.saify@gmail.com