ब्रेकिंग न्यूज़ पुडुचेरी। केंद्र जरूरत के हिसाब से हमें राज्य केंद्र शासित प्रदेश कहता है , ट्रांसजेंडर का दर्जा क्यों नहीं देता : नारायणसामी                राजस्थान। जयपुर के मयंक ने 21 साल की उम्र में जज बनने की उपलब्धि की हासिल।                  
भाजपा में दिल्ली से भोपाल तक मची उथल-पुथल।

भोपालबजट सत्र में किसी भी समय ऐसी संभावनाओं के मद्देनजर पार्टी संगठन ने नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा से बात की थी। तब सभी ने पार्टी को भरोसा दिलाया था कि सब ठीक चल रहा है, लेकिन दो दिन बाद ही सदन में भाजपा का फ्लोर मैनेजमेंट विफल दिखा। बड़े नेताओं में समन्वय का भी अभाव दिखा। यही वजह रही कि दो भाजपा विधायकों ने कांग्रेस का दामन थामकर क्रॉस वोटिंग कर दी। भाजपा में इस घटनाक्रम के बाद भोपाल से लेकर दिल्ली तक हलचल है। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने इसकी जानकारी ली है। प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे का कहना है कि अभी अलार्मिंग स्थिति नहीं है, लेकिन प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह पूरे मामले को देख रहे हैं। इधर, दिल्ली से देर रात राकेश सिंह भोपाल पहुंच गए और तुरंत शिवराज सिंह के घर गए। करीब आधे घंटे तक दोनों के बीच पूरे घटनाक्रम पर बात हुई। इसके बाद राकेश सिंह ने नेता प्रतिपक्ष भार्गव को पार्टी कार्यालय बुलाया। इसी दौरान शिवराज सिंह और नरोत्तम मिश्रा भी पहुंचे। देर रात राकेश सिंह ने गोपाल भार्गव से बात की। बताया जा रहा है कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह को लेकर भार्गव की बयानबाजी को संगठन ने गलत माना है। साथ ही भविष्य में एहतियात बरतने की सलाह दी है।

 

जो यहां बैठे हैं वो बिकाऊ नहीं हैं : कमलनाथ

सरकारी विमान व हेलीकॉप्टर होने के बावजूद किराए के विमान व हेलीकॉप्टर लेने में खर्च संबंधी राजवर्धन सिंह के ध्यानाकर्षण पर चर्चा के दौरान सिंह ने मुख्यमंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री की विमान यात्राओं में तुलनात्मक अंतर के बारे में सवाल किया था। जवाब में विमानन मंत्री पीसी शर्मा ने बताया कि सीएम की यात्राओं पर 45 लाख रुपए खर्च हुए हैं। इस पर भार्गव का कहना था कि पूर्व मुख्यमंत्री किसान के बेटे थे और वर्तमान मुख्यमंत्री उद्योगपति हैं। इसका मजाक न बनाएं। इस पर कमलनाथ ने कहा- आरोप लगाया कि मेरे परिवार की कंपनी से किराए के विमान लेने के लिए सरकार विमान व हेलीकॉप्टर बेच रही है, जबकि ये फैसला पिछली सरकार का है। मेरे 45 साल के राजनीतिक जीवन में कभी उंगली नहीं उठी। रोज कहा जाता है कि सरकार जाने वाली है। स्पष्ट कर दूं कि जो यहां बैठे हैं वो बिकाऊ नहीं हैं। शिवराज सिंह ने कहा कि कार्यप्रणाली में अंतर है। मैं किसी आपदा पर तत्काल जाता था, लेकिन सीएम नहीं जाते। इस पर हंगामा होने से कार्यवाही पांच मिनट स्थगित भी हुई।

Advertisment
 
प्रधान संपादक सहायक-संपादक समाचार संपादक
सैफु द्घीन सैफी राकेश शर्मा डॉ मीनू पांडे
Copyright © 2016-17 LOKJUNG.com              Service and private policy              Email : lokjung.saify@gmail.com