ब्रेकिंग न्यूज़ पुडुचेरी। केंद्र जरूरत के हिसाब से हमें राज्य केंद्र शासित प्रदेश कहता है , ट्रांसजेंडर का दर्जा क्यों नहीं देता : नारायणसामी                राजस्थान। जयपुर के मयंक ने 21 साल की उम्र में जज बनने की उपलब्धि की हासिल।                  
लोकायुक्त ने बिजली कंपनी के जूनियर इंजीनियर को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ धर दबोचा।

भोपाल(सुलेखा सिंगोरिया) बिजली कंपनी मे जूनियर इंजीनियर की पद पर काम कर रहे शैलेष चतुर्वेदी को लोकायुक्त की टीम ने बुधवार को बिठठन मार्केट रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा। गवर्नमेंट कांट्रेक्टर आशुतोष दुबे ने लोकायुक्त में शिकायत की थी कि उनके द्वारा मॉडल हाउस का निर्माण किया गया था। बिजली कंपनी को 18 लाख का भुगतान करना था। इसके बदले शैलेष द्वारा तीन लाख की रिश्वत मांगी जा रही थी। बुधवार को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 30 हजार रुपए देना तय हुआ था। शैलेष ने शाम 5 बजे आशुतोष को बिट्टन मार्केट बुलाया था। यहां जैसे ही आशुतोष ने रिश्वत के 30 हजार रुपए दिए वैसे ही टीम ने शैलेष को घेर लिया।  लोकायुक्त टीम को देखकर शैलेष ने 30 हजार रुपए सड़क पर ही फेंक दिए और कार से भागने की कोशिश की, लेकिन उसे पकड़ लिया गया। सड़क पर बिखरे नोट तुरंत टीम ने इकट्ठा किए। यह नजारा देखने लोगों की भीड़ इकट्ठा होने से कुछ देर ट्रैफिक प्रभावित हुआ। 

इसके बाद लोकायुक्त टीम ने आराधना नगर स्थित शैलेष चतुर्वेदी के  घर सर्चिंग की। इसमें सर्वधर्म कॉलोनी, कोलार रोड स्थित एक मकान के कागजात मिले, जिसमें अपनाघर के नाम से वृद्धाश्रम संचालित है। टीम को छह लाख रुपए नकद और कुछ जेवरात मिले हैं। उनका इकलौता बेटा अमेरिका में पढ़ाई कर रहा है। शैलेष के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर मुचलके पर रिहा कर दिया गया। 

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