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रेलवे कर्मचारी की-मैन की सूझबूझ से टला हादसा।

भोपाल। दो कर्मचारी की मेहनत और सूझबूझ से एक बड़ा हादसा होने के टला। मिडघाट और चौका स्टेशन के बीच ट्रेन को हादसे से बचाने के लिए एक की-मैन लॉरेंस सुरेश करीब 20 मिनट तक ट्रैक पर लाल झंडी लेकर खड़ा रहा, जबकि ओएचई लाइन पर पेड़ गिरने की सूचना देने के लिए उसके साथी ने 15 मिनट में 800 मीटर की दूर दौड़कर तय की। रेलवे के की-मैन और आउटसोर्स कर्मचारी की मेहनत रंग लाई और सेक्शन इंचार्ज मौके पर पहुंचे। इनकी मेहनत को देखते हुए डीआरएम उदय बोरवणकर ने लॉरेंस को सम्मानित करने का निर्णय किया है। 

सुरेश ने बताया कि मैं अपने साथी विक्रम के साथ रविवार सुबह 8 बजे पेंचवेली ट्रेन से मिडघाट स्टेशन पर उतरा। वहां से हम दोनों पेट्रोलिंग के लिए निकल पड़े। स्टेशन से 800 मीटर की दूरी पर इटारसी-भोपाल रेल खंड की डाउन लाइन पर ओएचई का कैटनरी वायर टूटा मिला। मैंने दौड़ लगाकर आगे देखा तो एक बड़ा सा पेड़ लाइन पर लटक रहा था। मैंने विक्रम को स्टेशन पर सूचना देने के लिए दौड़ा दिया। विक्रम आउटसोर्स कर्मचारी है। आउटसोर्स कर्मचारी की-मैन की जानवरों से सुरक्षा के लिए तैनात होते हैं। मैंने खतरे के पोंइंट पर दो लाल झंडी लगाईं और ट्रैक के दोनों तरफ 30-30 मीटर की दूरी पर पटरी पर पटाखे लगा दिए। ट्रेन के पहिए पटाखे पर पड़ते ही वे फूट जाते हैं। यह लोको पायलट को खतरे का संदेश होता है और वह ट्रेन रोक देता है। मैं खतरे के निशान के पास लाल झंडी लेकर खड़ा हो गया। उस दौरान झेलम के आने का समय हो रहा था। मेरे लिए एक-एक पल किसी परीक्षा से कम नहीं था। मैं वहां पर 20 मिनट तक डटा रहा। उसके बाद सेक्शन इंचार्ज वहां पहुंच गए।

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सैफु द्घीन सैफी डॉ मीनू पाण्ड्य
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