ब्रेकिंग न्यूज़ नई दिल्ली। प्रधानमंत्री इमरान खान बब्वर शेर है : नवजोत सिंह सिद्धू।                भोपाल। अयोध्या मामले के फैसले के बाद दिग्विजय के टवीट पर बड़ा विवाद।                शाहजहानाबाद। चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली छात्रा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।                मप्र / राज्य सरकार ने वैट 5% बढ़ाया, भोपाल में आज से पेट्रोल 2.91 रु. और इंदौर में 3.26 रुपए महंगा                इंदौर। मैं किसी श्वेता को नहीं पहचानता, सबके नाम उजागर होने चाहिए : पूर्व गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह                  
नगर निगम कि एम आई सी कि बैठक मे पार्षदो ने जमकर महापौर और अफसरो पर गुस्सा निकाला।

भोपाल। मीट की दुकानों की लीज निरस्त करने को लेकर महापौर परिषद (एमआईसी) की सोमवार को हुई बैठक में जमकर हंगामा हो गया। न्यू मार्केट में मीट की दुकानों की लीज निरस्त करने से अफसरों के इनकार से विवाद शुरू हुआ। लीगल ओपिनियन के बावजूद बिट्टन मार्केट और विजय स्तंभ पार्किंग का संचालन कर रही एजेंसी का अनुबंध तीन साल और बढ़ाने पर भी जब अफसर सहमत नहीं हुए तो शंकर मकोरिया, दिनेश यादव और भूपेंद्र माली ने बैठक से वॉकआउट कर दिया। यह विवाद चल ही रहा था कि मंजूश्री बारकिया ने उनके वार्ड में विकास कार्य ठप होने का मुद्दा उठाया और सहायक यंत्री वीके मिश्रा के कामकाज पर तीखी नाराजगी व्यक्त की। मंजूश्री ने यह भी कहा कि महिला होने के कारण न तो महापौर उनकी बात सुनते हैं और न अफसर। मंजूश्री नेताओं और अफसरों को भला- बुरा कहती रहीं और महापौर, एमआईसी सदस्य व अफसर इधर-उधर हो गए। एमआईसी की बैठक में यह हंगामा पिछली बैठक में पारित प्रस्ताव पर अमल नहीं होने से शुरू हुआ। पिछली बैठक में यह तय हुआ था कि न्यू मार्केट में जिन मीट दुकानों ने मनमर्जी से निर्माण कर लिया है उनकी लीज निरस्त की जाए। लेकिन इस पर अमल करने की बजाय अफसर यह तर्क देने लगे कि एक निश्चित राशि जमा करके उन्हें निर्माण करने की अनुमति दी जा सकती है। 

एमआईसी ने टीटी नगर स्मार्ट सिटी एरिया में सरकारी मकानों के बीच में बसे 127 झुग्गीवासियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान देने के प्रस्ताव को मंजूर कर दिया। इन झुग्गीवासियों की सूची का अनुमोदन कर दिया गया है, ताकि बाद में इसमें बदलाव न हों। 
निश्चित राशि जमा कराकर अनुमति देने की बात जैसे ही अपर आयुक्त रणबीर कुमार ने कही एमआईसी सदस्य शंकर मकोरिया नाराज हो गए। उन्होंने कहा इन दुकानदारों को क्यों बचाया जा रहा है? दिनेश यादव और भूपेंद्र माली ने उनका साथ दिया। तीनों एमआईसी सदस्यों ने आरोप लगाया कि सरकार बदलने के बाद से अफसर भेदभाव कर रहे हैं। रक्षाबंधन के लिए न्यू मार्केट में लगी दुकानों को जबरिया हटा दिया गया जबकि शहर के अन्य इलाकों में इन्हें अतिक्रमण नजर नहीं आता। अपर आयुक्त कमल सोलंकी ने बात संभालने की कोशिश की, लेकिन एमआईसी सदस्य नहीं माने। यह विवाद जैसे-तैसे शांत हुआ कि मकोरिया ने पूछा कि विजय स्तंभ और बिट्टन मार्केट में पार्किंग का संचालन कर रही यूनिक कंपनी का टेंडर तीन साल बढ़ाने को लेकर लीगल ओपिनियन क्या आया है? कृष्णमोहन सोनी ने लीगल ओपिनियन पढ़ा जो कंपनी के पक्ष में था। यानि कंपनी को पांच प्रतिशत शुल्क वृद्धि कर तीन साल के लिए कांट्रेक्ट बढ़ाया जा सकता है। लेकिन निगमायुक्त बी विजय दत्ता और अन्य अफसर तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि पांच फीसदी वृद्धि कम है। इस पर बढ़े विवाद में तीनों एमआईसी सदस्यों ने पूछा कि स्मार्ट पार्किंग का संचालन कर रही माइंडटेक कंपनी से जब तीन करोड़ रुपए वसूलना है तो उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे? बाद में इस बात पर सहमति बनी कि सभी पार्किंग का टेंडर दोबारा बुलाया जाएगा। माइंडटेक को नोटिस देकर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी

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