ब्रेकिंग न्यूज़ पुडुचेरी। केंद्र जरूरत के हिसाब से हमें राज्य केंद्र शासित प्रदेश कहता है , ट्रांसजेंडर का दर्जा क्यों नहीं देता : नारायणसामी                राजस्थान। जयपुर के मयंक ने 21 साल की उम्र में जज बनने की उपलब्धि की हासिल।                  
भांजे रतुल पूरी की 6 दिन की हिरासत पर बोले कमलनाथ : मैं मानता हूं कि यह दुर्भावना से प्रेरित है।

नई दिल्ली। कोर्ट ने 3600 करोड़ के अगस्ता-वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रतुल को 6 दिन के लिए ईडी की हिरासत में दे दिया। सीबीआई ने रतुल पुरी, उनके पिता व मोजर बेयर के प्रबंध निदेशक दीपक पुरी, माँ नीता पुरी संजय जैन और विनीत शर्मा के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार के 
आरोप में 18 अगस्त को  मामला दर्ज किया था। सीबीआई ने आरोपी निदेशकों के आवासों और कार्यालयों सहित छह स्थानों पर तलाशी भी ली थी।  बैंक ने एक बयान में कहा था कि रतुल ने 2012 में कार्यकारी निदेशक के पद से इस्तीफा दे दिया था, जबकि उनके माता-पिता बोर्ड में बने रहे।
अग्रिम जमानत अर्जी खारिज : वीवीआईपी हेलीकोप्टर मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने रतुल पुरी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। हाईकोर्ट के जस्टिस सुनील गौर ने कहा कि पुरी ईडी अधिकारियो को  जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और जांच अधिकारियो पर दबाव डालने की कोशिश किए जाने के भी सबूत हैं। कोर्ट ने कहा कि अगर जमानत दी जाती है, तो इससे जांच प्रभावित हो सकती है। इससे पहले ईडी की और से अतिरिक्त सोंलीसिटर जनरल अमन लेखी ने हाईकोर्ट को बताया कि रतुल पुरी जांच को  भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। मनी लॉन्ड्रिंग के इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने 9 अगस्त को पुरी के खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया था।

  मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा : मंगलवार को अपने भांजे रतुल पुरी के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में कहा कि मेरा उनके व्यापार से कोई संबंध नहीं है। नाथ ने कहा कि लेकिन ये जो गिरफ्तारी की गई है, मैं मानता हूं कि यह दुर्भावना से प्रेरित है। 

 

 

पुरी की कंपनियों पर 14 बैंकों का 1963 करोड़ रुपए का कर्ज बकाया -  सिटी रिपोर्टर, भोपाल | रतुल पुरी के खिलाफ सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने 16 अगस्त को सीबीआई को शिकायत भेजी थी। इसमें कहा गया कि सेंट्रल बैंक ने मोजेर बेयर को दिए गए 270 करोड़ रु. के अलग-अलग लोन को रिव्यू किया तो पाया कि उन्होंने पहले से सेंट्रल बैंक के साथ दूसरे बैंकों एसबीआई, पीएनबी, एक्जिम बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूको बैंक, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद (अब एसबीआई), विजया बैंक, स्टेट बैंक ऑफ ट्रावनकोर से भी क्रेडिट फैसिलिटी ले रखी थी। सभी बैंकों से मोजेर बेयर ने 960 करोड़ रु. के टर्म लोन, 646.69 करोड़ रु. के फंड आधारित वर्किंग कैपिटल, 355.45 करोड़ रु. का नॉन फंड वर्किंग कैपिटल लोन यानी कुल 1963 करोड़ रुपए का कर्ज बकाया था।  

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