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कोर्ट ने पी॰ चिदंबरम को 4 दिन के लिए सीबीआई की हिरासत मे दिया।

भोपाल। कोर्ट मे गुरुवार शाम को 5 बजे कांग्रेस नेता पी चिदंबरम को अदालत ने चार दिन के रिमांड पर सीबीआई की हिरासत में भेज दिया। उन्हें 26 अगस्त को दोबारा पेश किया जाएगा। हिरासत में रहने के दौरान वकील और परिवार के लोग रोजाना आधा-आधा घंटा चिदंबरम से मिल सकेंगे। विशेष जज अजय कुमार कुहार ने कहा कि तथ्यों और  हालात को  देखते हुए सीबीआई की हिरासत न्यायोचित है। कोर्ट  ने यह भी कहा कि आरोपी की निजी गरिमा का ठेस नहीं पहुंचे।  बुधवार रात को हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद उन्हें उनके जोरबाग स्थित घर से अरेस्ट कर लिया गया। दोपहर बाद करीब 3.15 बजे उन्हें अदालत में पेश कर सीबीआई ने पांच दिन का रिमांड मांगा था। घंटेभर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जज ने 4.15 बजे फैसला सुरक्षित रख लिया। उन्होंने आधे घंटे में फैसला सुनाने की बात कही थी लेकिन करीब सवा दो घंटे बाद शाम साढ़े 5 बजे फैसला सुनाया। चिदंबरम के वकीलों ने सीबीआई की दलीलों का तो विरोध किया लेकिन अपनी तरफ से जमानत याचिका दायर नहीं की।

चिदंबरम के वकील की दलीलों को सरकारी वकील का जबाव- मेहता ने कहा कि चिदंबरम ने अन्य लोगो के साथ मिलकर घोटाले के लिए आपराधिक साजिश रची थी। गैर जमानती वारंट जारी होने पर बुधवार रात उन्हें गिरफ्तार किया गया। वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे। अपराध गंभीर है और उनके जवाब गोलमोल। यह मनी लॉन्ड्रिंग का गंभीर और बड़ा मामला है। व्यापक साजिश के खुलासे के लिए चिदंबरम को हिरासत में लेकर पूछताछ जरूरी है। दस्तावेज दिखाकर भी उनसे पूछताछ की जाएगी। 

इसके विरोध में सिब्बल ने कहा कि इस मामले में चिदंबरम के बेटे कार्ति सहित सभी आरोपी जमानत पा चुके हैं। पहली गिरफ्तारी कार्ति के सीए भास्कर रमन की थी। वह भी जमानत पर है। जमानत देना नियम है और अदालत के सामने व्यक्तिगत आजादी का मुद्दा है। वहीं, सिंघवी ने कहा कि चिदंबरम भाग नहीं रहे। सीबीआई का केस सरकारी गवाह इंद्राणी मुखर्जी के बयान पर आधारित है। चिदंबरम वह जवाब तो नहीं दे सकते जो सीबीआई सुनना चाहती है। गोलमोल  जवाबों के आधार पर रिमांड की मांग नहीं कर सकते हैं। सीबीआई ने तो सबूतों से छेड़छाड़ का आरोंप भी नहीं लगाया है। पुलिस रिमांड विशेष हालात में ही मंजूर किया जा सकता है। इस मामले में कोई नया घटनाक्रम नहीं हुआ। गिरफ्तारी के बाद से सीबीआई पुराने सवाल ही पूछ रही है।  

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प्रधान संपादक सहायक-संपादक समाचार संपादक
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