ब्रेकिंग न्यूज़ नई दिल्ली। प्रधानमंत्री इमरान खान बब्वर शेर है : नवजोत सिंह सिद्धू।                भोपाल। अयोध्या मामले के फैसले के बाद दिग्विजय के टवीट पर बड़ा विवाद।                शाहजहानाबाद। चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली छात्रा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।                मप्र / राज्य सरकार ने वैट 5% बढ़ाया, भोपाल में आज से पेट्रोल 2.91 रु. और इंदौर में 3.26 रुपए महंगा                इंदौर। मैं किसी श्वेता को नहीं पहचानता, सबके नाम उजागर होने चाहिए : पूर्व गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह                  
सीएम कमलनाथ ने रातो रात किया सहायक आबकारी आयुक्त को पदमुक्त

भोपाल। वन मंत्री उमंग सिंघार और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बीच चल रहे पॉलिटिकल ड्रामे के बीच वायरल हुए एक ऑडियो से सियासत गरमाई। वन मंत्री उमंग सिंघार, विधायक राजवर्धन सिंह दत्तीगांव और हीरालाल अलावा ने मंगलवार देर शाम मुख्यमंत्री कमलनाथ के पास पहुंचकर धमकी दे दी कि कथित ऑडियो में जो सहायक आबकारी आयुक्त संजीव दुबे शराब ठेकेदारों से 20 या 15 लाख रुपए लेन-देन की बात कह रहा है, उसे संरक्षण मिला हुआ है। बार-बार कहने के बाद भी नहीं हटाया गया, जबकि पूर्व में 42 करोड़ रुपए की एक गड़बड़ी के एक आरोप में आबकारी अफसर दुबे विवादित हैं। यदि दुबे को नहीं हटाया गया तो वे कुछ निर्णय ले सकते हैं।

इसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर देर रात दुबे को तत्काल पद से हटा दिया गया। मुख्यमंत्री से हीरालाल अलावा ने मुलाकात के दौरान यहां तक कह दिया था कि विवादित अफसर को नहीं हटाए जाने की स्थिति में वे इस्तीफा तक दे सकते हैं। बाद में सिंघार और दत्तीगांव ने भी मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी नाराजगी व्यक्त की।

मुख्यमंत्री ने उमंग सिंघार द्वारा बीते तीन दिनों से की जा रही बयानबाजी पर भी नाराजगी जताई और उनसे कहा कि वे पार्टी फोरम में अपनी बात रखें। उन्हें भविष्य में सोशल मीडिया और सार्वजनिक तौर पर बयानबाजी न करने की भी चेतावनी दी है।

 

वन मंत्री उमंग सिंघार ने कहा- कि पूर्व मुख्यमंत्री 'पावर सेंटर' के तौर पर विभाग चला रहे हैं। कलेक्टर और कमिश्नर जैसे अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग कराते हैं। परिवहन विभाग ने भी उनके अनुसार ही ट्रांसफर पोस्टिंग होती हैं। प्रदेश मे कॉंग्रेस सरकार सिंह ने ही बनवाई हैं। वो खुद तो वनबास काट रहे है फिर क्यो मलाई खाने का जाते हैं। उनको उनकी शैली ही मे ही जबाव देना जरूरी हैं। मंत्रियो को भेजा पत्र उन्होने वायरल कर दिया। वे ऐसा करके खुद को बड़ा सीएम समझ रहे हैं। साथ ही कहा कि दिग्विजय सिंह अपनी बयानबाजी से कांग्रेस का नुकसान कराते हैं।

 

सिंघार को जबाव देते हुए जयवर्धन सिंह बोले- कमलनाथ के आदेश का पालन हम सब पूरे अनुशासन के साथ करते हैं फिर वह मंत्री हो या विधायक सब लोग। और प्रदेश का पावर सेंटर कमलनाथ का हैं। दिग्विजय का 40 साल का राजनीतिक जीवन बेदाग रहा हैं। जहां तक मुझे पता हैं कि वे काही भी पीसीसी चीफ की दौड़ मे नहीं हैं। उन्होने जो चिट्ठी लिखी हैं, वो साधारण हैं। मुझे भी चिट्ठी मिली हैं। पिछले आठ महीने मे मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बहुत काम किए हैं।  

 

वन मंत्री सिंघार ने तीसरे दिन मंगलवार को भी पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के खिलाफ जमकर मोर्चा खोला और कहा कि – दिग्विजय सरकार को ब्लैकमेल करते हैं। रेट का अवैध खनन और शराब का क्रोबर भी इनके लोग ही कर रहे हैं वही सिंघार के इस बयान पर दिग्विजय ने चुप्पी साधते हुए कहा कि इस बारे मे मुख्यमंत्री कमलनाथ ही जवाब देंगे।

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प्रधान संपादक सहायक-संपादक समाचार संपादक
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