ब्रेकिंग न्यूज़ शाहजहानाबाद। चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली छात्रा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।                मप्र / राज्य सरकार ने वैट 5% बढ़ाया, भोपाल में आज से पेट्रोल 2.91 रु. और इंदौर में 3.26 रुपए महंगा                इंदौर। मैं किसी श्वेता को नहीं पहचानता, सबके नाम उजागर होने चाहिए : पूर्व गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह                  
कैबिनेट ने शैक्षणिक अधिकारियों के रिवाइज वेतनमान (सातवें) की दी मंजूरी।

भोपाल। कैबिनेट ने मेडिकल और डेंटल कॉलेजों के शिक्षकों के साथ अन्य शैक्षणिक अधिकारियों के रिवाइज वेतनमान (सातवें) की मंजूरी दे दी है। हालांकि स्कूल शिक्षा मंत्री प्रभुराम चौधरी और खाद्य मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने डॉक्टरों को ज्यादा पैसा देने पर ऐतराज जताते तोमर ने यह तक कहा कि अस्पतालों में स्ट्रेचर खींचने तक के लिए कोई नहीं मिलता। भर्राशाही मची हुई है। इन्हें ज्यादा पैसा क्यों देना चाहिए। पीडब्ल्यूडी मंत्री सज्जन सिंह वर्मा समेत कुछ अन्य मंत्रियों ने भी कहा कि डॉक्टर निजी प्रेक्टिस करते हैं। इसके बाद भी इतनी सुविधाएं मिलती हैं कि उन्हें सातवें वेतनमान की जरूरत नहीं।
दूसरी ओर प्रभुराम चौधरी ने कहा कि डॉक्टरों को दिल्ली के बराबर सुविधाएं व पैसा दिया जाए तो स्थिति ठीक रहेगी। मंत्रियों के यह कहने के बाद वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि दिल्ली के बराबर ही वेतन दे रहे हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला ने डॉक्टरो का पक्ष लेते हुए कहा कि यदि 7वें वेतनमान को रोका जाता है तो फैकल्टी हायर करने में दिक्कत आएगी।

नौ लाख लोगो को होगा इलाज का फायदा : कैबिनेट ने कर्मचारी राज्य बीमा सेवाओं के अंतर्गत मप्र कर्मचारी राज्य बीमा सोसायटी के गठन का निर्णय लिया है। इस स्कीम में वर्तमान में 9 लाख 49 हजार 403 बीमित परिवार हैं। इनमें से प्रत्येक पर हर साल 3000 रुपए की चिकित्सा सेवा मिलती है, जो 285 करोड़ रुपए होती है। इसमें केंद्र सरकार का अंशदान 90% और राज्य का 10% होता है। सोसायटी गठित होती है तो केंद्र सरकार का अंशदान सीधे सोसायटी के खाते में आएगा। इस कुल राशि में से 118 करोड़ रुपए चिकित्सा में और शेष 166 करोड़ रुपए अन्य मद में खर्च किए जा सकते हैं।साथ ही, अनौपचारिक चर्चा में मुख्यमंत्री ने सभी प्रभारी मंत्रियों से कहा कि सहकारी संस्थाओं में जल्द से जल्द नियुक्तियां की जानी हैं, इसलिए वे पैनल बनाकर दे दें। यह काम प्राथमिकता पर होना चाहिए।

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