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एडीजी की पद को लेकर आईपीएस और आईएएस अफ़सरो के बीच टकराव।

भोपाल। प्रमोशन को लेकर गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक मे आईपीएस और आईएएस अधिकारियों के बीच चल रही टकराहट दिखाई दी। प्रमोशन के लिए एडीजी के चार पदों के साथ एडीजी के कुल 15 पदों को अस्थाई मंजूरी देने का मामला आया तो मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल और अपर मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कह दिया कि ‘जैसे-जैसे पद रिक्त होते हैं, प्रमोशन होता जाएगा। इतने अस्थाई पद नहीं देना चाहिए। आईएएस कैडर में मेरे ही बैच के दो अधिकारी एसीएस पद पर पदोन्नत नहीं हो पाए। मोहम्मद सुलेमान और मैं हो गए। हालांकि एडीजी के पदों को मंजूरी देने पक्ष मे मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि वे जहां भी जाते हैं आईपीएस अधिकारी कहते हैं कि उनके प्रमोशन नहीं हो रहे। इसलिए एडीजी के पदों को मंजूरी दे दी जाए। उल्लेखनीय है कि 15 अगस्त को पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू करने को भी आईएएस-आईपीएस अफसर एक-दूसरे असंतुष्ट थे और दोनों के प्रतिनिधिमंडलों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखी थी। गुरुवार को कैबिनेट में 1987 बैच के एडीजी डॉ. विजय कुमार का मसला आया कि डीजी स्तर का एक पद रिक्त होता तो वे भी रिटायरमेंट से पहले डीजी बन जाते। इस पर कमलनाथ ने कहा कि इसे भी तुरंत किया जाए। सिर्फ एक महीने से किसी को नुकसान नहीं होना चाहिए। बाकी प्रक्रिया बाद में देखी जाएगी। यहां बता दें कि डॉ. विजय कुमार अगले माह 31 अक्टूबर को रिटायर हो रहे हैं। गृह विभाग का कहना है कि कैबिनेट से जिन भी अस्थाई पदों को मंजूरी मिली है, इनकी सूचना जल्द केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। अस्थाई पद दो वर्ष के लिए हैं। भविष्य में रिक्त होने वाले पदों में इन्हें समायोजित कर दिया जाएगा।



 

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