ब्रेकिंग न्यूज़ शाहजहानाबाद। चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली छात्रा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।                मप्र / राज्य सरकार ने वैट 5% बढ़ाया, भोपाल में आज से पेट्रोल 2.91 रु. और इंदौर में 3.26 रुपए महंगा                इंदौर। मैं किसी श्वेता को नहीं पहचानता, सबके नाम उजागर होने चाहिए : पूर्व गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह                  
डॉक्टर मांगो पर आड़े, पी॰एस॰ ने कार्रवाई की चेतवानी दी।

भोपाल। अपनी मांगो को पूरा करने के लिए अब डॉक्टर्स करने धारणा- प्रदर्शन, भोपाल सहित प्रदेश के 13 मेडिकल कॉलेज के दो हजार से ज्यादा डॉक्टर्स इकबाल मैदान से मुख्यमंत्री निवास तक रैली निकालेंगे। डॉक्टरों का दावा है कि दोपहर एक बजे तक ओपीडी में आने वाले मरीजों को इलाज मिलेगा। इसके बाद मरीजों का इलाज इमरजेंसी में किया जाएगा। प्लान किए गए ऑपरेशन टाले नहीं जाएंगे। उधर, चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला ने हिदायत दी है कि 24 जुलाई से प्रदेश में एस्मा लागू है। ऐसे में डॉक्टर्स भोपाल में एकत्रित होते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सभी 13 जिलों के संभागायुक्त को पत्र लिख दिया गया है। इसमें डॉक्टर्स के खिलाफ जुर्माना लगाने और जेल भेजने तक का प्रावधान है। साथ ही डॉक्टर्स की छुट्टी के बारे मे शिवशेखर ने कहा कि प्रदेश मे हो रही भारी बारिश के चलते बाढ़ की संभावना बनी हुई हैं, इसलिए प्रदेश के 13 मेडिकल कॉलेज मे पदस्थ डॉक्टर्स की छुट्टी रद्द कर दी हैं, ताकि ऐसे मे बाढ़ से पीड़ित लोगो को समय पर इलाज मिल सके। इसीलिए किसी भी डॉक्टर को धरना- प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती हैं। मेडिकल डॉक्टर्स एसोसिएशन को रैली की अनुमति सोमवार सुबह सिटी एसडीएम राजेश श्रीवास्तव ने दी थी, लेकिन शाम को इसे कैंसिल कर दिया गया। इधर एसोसिएशन की सेंट्रल कमेटी के अध्यक्ष डॉ सुनील अग्रवाल का कहना है कि मांगें नहीं मानी गई तो डॉक्टर 30 सितंबर को सामूहिक इस्तीफा देंगे।

डॉक्टर्स कि मांगे........ 

मांग- विभागीय क्रमिक उच्चतर समयबध्द वेतनमन मिले।

प्रमुख सचिव- समय-समय पर डॉक्टर्स को प्रमोशन दिया जा रहा है। चूंकि नए मेडिकल कॉलेज बने हैं। इसलिए थोड़ा समय लगेगा।
मांग- 1 जनवरी से 2016 से सातवां वेतनमान दिया जाए
प्रमुख सचिव- डॉक्टर्स को सातवां वेतनमान यूजीसी के समकक्ष दिया गया है, जो कि स्टेट से ज्यादा है। देश में कहीं पर भी प्राइवेट प्रैक्टिस के साथ यूजीसी वेतन नहीं दिया गया है। 1 जनवरी 2016 सातवां वेतनमान स्टेट के लिए लागू है।
मांग- चाइल्ड केयर लीव दी जाए।  

प्रमुख सचिव-  इसके लिए एमसीआई से अनुमति मांगी गई है।
प्रमुख सचिव- 3 साल की बॉण्ड की समय सीमा समाप्त नहीं कर सकते हैं, क्योंकि मेडिकल कॉलेज चलाना है। डॉक्टर्स को नौकरी ज्वाइन करने से पहले यह बात सोचना चाहिए थी।

मांग- चिकित्सा शिक्षक भत्ता एवं प्रशासकीय भत्ते को रिवाइज किया जाए।

प्रमुख सचिव- जब सभी विभागों के भत्ते रिवाइज होंगे तब किए जाएंगे, अलग से कोई प्रावधान नहीं है।
मांग- जूनियर डॉक्टर्स को हर साल तीन फीसदी इंक्रीमेंट दिया जाना था उसे तत्काल लागू किया जाए।

प्रमुख सचिव- पिछले साल ही मानदेय बढ़ा है, इसलिए अभी इस पर कोई बात नहीं होगी।

 

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प्रधान संपादक सहायक-संपादक समाचार संपादक
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