ब्रेकिंग न्यूज़ भोपाल, टेस्ट ऑफ इंडिया रेस्टोरेंट में खाद्यय विभाग का छापा मावे का नमूना दूषित पाया गया                इंदौर पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन की तबियत में सुधार                मुबई ग्लोबल मार्केट में तेजी के कारण बढ सकते हे खाद्द्य तेलों के दाम                भोपाल सिपाही रितेश यादव ने दर्द से परेशां होकर की ख़ुदकुशी                भोपाल संकट समय केन्द्रिये मंत्री से युवक ने आक्सीजन मांगी मंत्री पटेल ने कहा दो खाओगे                भोपाल पुलिस दुआरा मनमर्जी से बैरिगेट्स लगाने को लेकर जनता में गुस्सा                भोपाल दस दिनों में करोना से दस शिक्षकों की मौत,आयुक्त ने जानकारी बुलवाई                भोपाल खाना बनाते समय महिला आग से झुलसी                भोपाल डॉ ने सफाईकर्मी महिला को मारा थप्पड़ कर्मचारी गए हड़ताल पर                बीजेपी में सिंधिया की एंट्री से नाराजगी, पार्टी के बड़े नेता प्रभात झा हुए खफा                निर्भया का दोषी पवन पहुंचा कोर्ट, कहा- मुझे पीटने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज हो केस                  
बीयू हॉस्टल.........दो बार शॉर्ट सर्किट के बाद भी अफसरो की लापरवाही बरकरार।


भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के संजय गांधी हॉस्टल में प्रशासन की लापरवाही के चलते फिर टला एक बढ़ा हादसा। दूसरी बार शॉर्ट सर्किट से लगी आग। बुधवार सुबह शॉर्ट सर्किट से फिर वायरिंग में आग लग गई। लेकिन प्रशासन बेपरवाह बना हुआ है। वहीं 30 साल पुरानी वायरिंग होने के बाद भी हॉस्टल में रह रहे छात्र धड़ल्ले से हीटर जला रहे हैं। ऐसे में यह कहाँ अगलत नहीं होगा कि किसी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है। हैरानी की बात यह है कि इस लापरवाही की जानकारी जिम्मेदारों के साथ सभी को है, फिर भी सभी मौन हैं। बिजली की समस्या सिर्फ संजय गांधी हॉस्टल में नहीं है, इसके पास में स्थिति मुंशी प्रेम चंद्र और जवाहर हॉस्टल में भी है। इन हॉस्टलों में भी निडर होकर हीटर का उपयोग किया जा रहा है। इसके कारण लोड बढ़ने से शार्ट सर्किट आम बात हो गई है, लेकिन कहीं न कहीं हीटर उपयोग करने वाले स्टूडेंट्स अपने साथ अन्य स्टूडेंट्स को भी मुसीबत में डाल रहे हैं।
हॉस्टलों के मेंटेनेंस के लिए करीब 70 लाख का बजट है, लेकिन दो साल में 5 लाख रुपए भी खर्च नहीं हुए। इंजीनियरिंग शाखा द्वारा मेंटेनेंस के लिए अनुमति का प्रस्ताव विवि को भेजा जाता है, जो हर बार बिना स्वीकृति के वापस आ जाता है।

Advertisment
 
प्रधान संपादक समाचार संपादक
सैफु द्घीन सैफी डॉ मीनू पाण्ड्य
Copyright © 2016-17 LOKJUNG.com              Service and private policy              Email : lokjung.saify@gmail.com