ब्रेकिंग न्यूज़ शाहजहानाबाद। चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली छात्रा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।                मप्र / राज्य सरकार ने वैट 5% बढ़ाया, भोपाल में आज से पेट्रोल 2.91 रु. और इंदौर में 3.26 रुपए महंगा                इंदौर। मैं किसी श्वेता को नहीं पहचानता, सबके नाम उजागर होने चाहिए : पूर्व गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह                  
जानलेवा बीमारियो की जांच के लिए लैब बनाना चाहती है केंद्र सरकार, प्रदेश सरकार का रवैया शर्मनाक

भोपाल। डेढ़ साल पहले जानलेवा बीमारियो से बचाने के लिए केन्द्र सरकार ने भोपाल में नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल की लैब शुरू करने के लिए मप्र के सामने प्रस्ताव रखा था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का गैर जिम्मेदार व्यवहार के चलते इस लैब का निर्माण कार्य तक शुरू नहीं हो पाया है। कई पत्र और फोन कॉल के बाद भी विभाग ने अभी तक लैब के लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराई है।
केन्द्र सरकार ने रांची और पटना में लैब खोली जा चुकी हैं। यूपी में भी इसका निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। दूसरी तरफ भोपाल में यह मामला कागजी प्रस्ताव से आगे नहीं बढ़ पाया है। वजह है यहा के काबिल अधिकारी जिनको ज़िम्मेदारी के नाम की कोई जानकारी नहीं हैं। डेढ़ साल पहले स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर लैब के लिए दो एकड़ जमीन उपलब्ध कराने को कहा था, लेकिन मप्र सरकार ने इस बारे में अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं की है। केन्द्र सरकार राज्य से केवल जमीन लीज पर लेना चाहती है। स्टॉफ से लेकर पूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर और संचालन की जिम्मेदारी केन्द्र की होगी। बावजूद इसके की सारी ज़िम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी, फिर भी मप्र सरकार के पास समय नहीं हैं, जिसके चलते लोगो को सुरक्षित करने का एक अच्छा मौका हाथ से निकलता जा रहा हैं।

 

डायरेक्टर, डॉ. सुजीत सिंह ,नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल- मप्र में हम बीएसएल- 2 प्लस कैटेगरी की लैब शुरू करना चाहते हैं। इसमें स्वाइन फ्लू और डेंगू के साथ जीका जैसे खतरनाक वायरस की भी तत्काल पहचान हो सकेगी। मप्र मे जबलपुर में ही नेशनल लेबल की लैब संचालित है लेकिन वह काफी छोटी है। इस लैब में सभी प्रकार के खतरनाक वायरस की जांच हो सकेगी। इसके चलते विभाग ऐसी बीमारियों पर जल्दी रोक लगा सकेगा। भोपाल में स्वाइन फ्लू की जांच की सुविधा भी केवल एम्स , हमीदिया अस्पताल में ही उपलब्ध है। ऐसे में कई बार रिपोर्ट मिलने में काफी देर हो जाती है।

 

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