ब्रेकिंग न्यूज़ सीएम ने महाराष्ट्र के समाजसेवी सागर रेड्डी को दिया प्राध्यापक यशवंत केलकर पुरस्कार                ढाई दिन उपमुख्यमंत्री रहने के बाद अजित पवार ने दिया इस्तीफा                 पुडुचेरी। केंद्र जरूरत के हिसाब से हमें राज्य केंद्र शासित प्रदेश कहता है , ट्रांसजेंडर का दर्जा क्यों नहीं देता : नारायणसामी                राजस्थान। जयपुर के मयंक ने 21 साल की उम्र में जज बनने की उपलब्धि की हासिल।                  
रिश्वत लेते सिपाही का वीडियो हुआ वायरल,, सस्पेंड।


भोपाल।(सुलेखा सिंगोरिया) भोपाल जीआरपी के एक सिपाही का महिला से रिश्वत लेते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। तत्काल सिपाही को किया गया निलंबित।

 

दरअसल, भोपाल जीआरपी ने 12 नवंबर को रघुराज सिंह को जहरखुरानी के मामले में गिरफ्तार किया था। मामले की सारी जानकारी एएसआई श्रीसेन शुक्ला के पास है। सूत्रों का कहना है कि लूटे गए जेवर में से एक कड़ा रघुराज के बेटे ने गिरवी रख दिया था। जिसके चलते पुलिस उसे भी आरोपी बनाने का दबाव बना रही थी। बेटे का नाम केस डायरी में शामिल न करने के बदले में परिवार वालों से रिश्वत मांगी रही थी। वायरल वीडियो 15 नवंबर को बनाया गया था। भोपाल जीआरपी के एक सिपाही का सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो तब का हैं जब सिपाही रघुराज सिंह की बहू से रिश्वत के पैसे मांग रहा था।

 

वीडियो मे महिला और सिपाही के बीच की बातचीत-

 

महिला : कितने दे दूं सर?

सिपाही : 12 (हजार)

महिला : शर्म नहीं आती? नौ ले लो।

सिपाही : ब्याज नहीं देना पड़ेगा क्या। एक-दो दिन का बोला था न।

महिला : आपने बोला न कि टीआई नहीं मान रहा है, एक ... करना पड़ेगा। छोटे बच्चे हैं, कुछ तो रहम कर लो।

सिपाही : कल ये (रघुराज) जेल जाएगा, मुझसे ब्याज पर ले लेना। उनकी (टीआई की) रकम में से पैसा कम मत करवाओ।

महिला : मतलब, टीआई ले रहा है?

सिपाही : बिल्कुल टीआई ले रहा है। ऐसा कोई भी पैसा नहीं है जो बगैर टीआई के हम ले लें। अभी तो 50 हजार पेंडिंग हैं, वो कब आ रहे हैं?

 

 

फिलहाल वायरल वीडियो को आधार बनाकर आईजी रेल जयदीप प्रसाद ने सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर एसपी रेल से एक हफ्ते में इस मामले की रिपोर्ट तलब की है। एसपी को टीआई जीआरपी भोपाल की भूमिका की भी जांच करनी है। वही, अपनी सफ़ाई मे सिपाही विक्रम सिंह का कहना है कि आरोपी से 55 हजार रुपए की रिकवरी करनी थी। इन्हीं 55 हजार रुपए में से दस हजार रुपए रिकवरी करवाई गई थी।

Advertisment
 
प्रधान संपादक सहायक-संपादक समाचार संपादक
सैफु द्घीन सैफी राकेश शर्मा डॉ मीनू पांडे
Copyright © 2016-17 LOKJUNG.com              Service and private policy              Email : lokjung.saify@gmail.com