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बेरहम बाप...श्वेता और श्रीयम की हत्या का सूत्रधार रोहित तिवारी, दोस्त के साले की दी थी मारने की सुपारी।

जयपुर। जयपुर पॉश सोसाइटी यूनिक टॉवर में हुए श्वेता तिवारी और 21 माह के बेटे श्रीयम की हत्याकांड का शुक्रवार को खुलासा हो गया है। पुलिस ने इस हत्याकांड के सूत्रधार पति रोहित तिवारी और कांट्रेक्ट किलर सौरभ सिंह उर्फ राजसिंह चौधरी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव के मुताबिक, हत्या के पीछे की वजह रोहित और श्वेता के बीच अनबन थी। ऐसे में रोहित आए दिन श्वेता से मारपीट करता था। आरोपी रोहित ने बताया कि उसका एक महिला से अफेयर था। वह उससे शादी कर जिंदगी को नए सिरे से शुरू करना चाहता था। उसने यह बताया कि वह एक ट्रेडिशनल फैमिली से आता है। ऐसे परिवार में यदि बच्चा पहले से है तो दोबारा शादी होना मुश्किल है। रोहित ने यह भी कहा कि वह अपनी जिंदगी की पूरी बैक हिस्ट्री को ही डिलीट करना चाहता था।

एडिशनल पुलिस कमिश्नर अशोक गुप्ता व डीसीपी (पूर्व) राहुल जैन के निर्देशन में डबल मर्डर का खुलासा करने के लिए एडिशनल डीसीपी मनोज चौधरी, एसीपी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ व पूनमचंद विश्नोई सहित 150 पुलिसकर्मियों की टीम पड़ताल में जुटी। पिछले 6 माह में अपार्टमेंट में आई ब्लॉक में आने वाले लोगों की सूची खंगाली गई। वहां लगे सीसीटीवी फुटेज को बारीकी से देखा गया। हत्या के बाद 7 जनवरी को सांगानेर में जिस दुकान से मोबाइल फोन खरीदा। वहां आसपास के सीसीटीवी फुटेज देखें। इनमें सौरभ एक जगह नजर आया। तब पता चला कि उसका रोहित तिवारी के घर आना जाना था।

इसके अलावा वारदात के बाद 3 दिन जहां भी श्वेता के मोबाइल फोन की सिम एक्टिवेट रही। जहां से मैसेज भेज गए। वहां की लोकेशन लगातार सर्च की गई। तब गुरुवार देर शाम को सौरभ पुलिस के हत्थे चढ़ गया। वह थोड़ी देर में ही टूट गया और रुपयों के लालच के लिए रोहित के कहने पर श्वेता व श्रीयम की हत्या की बात कबूली। गुरुवार रात 2 बजे पुलिस ने केस से पर्दा उठा दिया और रोहित व सौरभ उर्फ राजसिंह चौधरी को गिरफ्तार कर लिया।

रोहित ने बहुत ही चालाकी से 23 दिसंबर को आईओसीएल परिसर, एयरपोर्ट पर लगे सीसीटीवी कैमरे के वायर प्लग को निकाल दिया। ये कैमरे 7 जनवरी तक बंद पड़े थे। लेकिन रोहित की जानकारी में नहीं था कि और भी कैमरे यहां लगे हैं। कमिश्नर श्रीवास्तव ने बताया कि हत्या की साजिश के लिए रोहित ने उदयपुर में पोस्टिंग के दौरान आईओसीएल के कर्मचारी आगरा निवासी हरिसिंह से बातचीत की। पुराना परिचित होने से रोहित को हरिसिंह पर काफी विश्वास था। वह उसे पक्का दोस्त मानता था। तब हरिसिंह ने रोहित को सलाह देते हुए कहा कि तुम इस काम के लिए उसके साले सौरभ से संपर्क करो। वह जयपुर में ही रहता है। तुम उसे पहचानते भी हो। सौरभ इस काम को कर सकता है या फिर किसी अन्य से करवा भी सकता है।

तब रोहित ने सौरभ से बातचीत कर 3 जनवरी को एयरपोर्ट के पास होटल फ्लाइट व्यू बुलाया। वहां रोहित और सौरभ ने साथ बैठकर हत्या के तरीके की प्लानिंग की। उसी दिन यह तय हुआ था कि सौरभ 7 जनवरी को किस तरह श्वेता और श्रीयम की हत्या को अंजाम देगा। 7 जनवरी को किसी को रोहित पर शक नहीं हो। ऐसे में वह दिनभर अपने ऑफिस में मीटिंग में व्यस्त रहा। आखिरकार, शाम करीब 5 बजकर 40 मिनट हत्या की खबर मिलने पर वह घर पहुंचा और फिर मोबाइल फोन पर बेटे के अपहरण और 30 लाख रुपए फिरौती की मांग का मैसेज कर ड्रामा किया। मामले में हरिसिंह से भी पूछताछ की जाएगी। उसे जल्द ही पकड़ा जाएगा।

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