ब्रेकिंग न्यूज़ इंदौर टी आई भदोरिया सस्पेंड                प्रदेश मे कल से बंद रहेंगी 150 जीनिग फेक्टरी                समाजवादी पार्टी के संरक्षक पूर्व मुख्य मंत्री मुलायम सिंह का दिल्ली मे निधन                भोपाल : निगम की वेबसाइट से गायब हैं महापौर पार्षद                रतलाम : पश्चिम एक्स्प्रेस के फ़र्स्ट एसी कोच की स्प्रिंग टूटी |                भोपाल : पहली बार भोपाल में पुलिस परिवारों के लिए भी गरबा आयोजित                भोपाल : कमलनाथ बोले – शिवराज सरकार झूठ का पुलिंदा हैं                मुरादाबाद : नाबालिग से समूहिक दुष्कर्म, सड़क पर निर्वस्त्र छोड़ा |                नई दिल्ली-- कोमेडियन राजू श्रीवास्तव का लंबी बीमारी के बाद निधन                भोपाल : भोपाल शहर के नए प्रधान आयकर आयुक्त होंगे राजीव वाशर्णेय,अजय अत्री को इंदौर की कमान                भोपाल : इज्तिमा 18 से 21 नवंबर तक पहली बार विदेशी जमात शामिल नहीं होगी                नई दिल्ली : ईरान में महिलाएं हिजाब के खिलाफ सड़क पर हैं                मुंबई : केंद्रीय मंत्री राणे का अवैध निर्माण टूटेगा 10 लाख का जुर्माना लगा                गुना : कांग्रेस नेता ने बेटे को नौकरी दिलाने के नाम पर महिला के साथ ज़्यादती की                जयपुर : राम मंदिर आंदोलन से जुड़े आचार्य धर्मेन्द्र का निधन |                नई दिल्ली : गुजरात के आईपीएस को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत |                मुख्यमंत्री के निर्देश पर झाबुआ के एसपी अरविंद तिवारी सस्पेंड किए गए |                भोपाल, केक काटने को लेकर हुए विवाद में एसआई पर महिला से झूमाझटकी का आरोप                  
बच्चो को बेबकूफ, नालायक जैसे शब्द बोलने पर, शिक्षक पर की जाएगी की कार्रवाई।

भोपाल। बच्चो को तनाव से बचाने के लिए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग और मप्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने काउंसलर्स की मदद से तनाव मैनेजमेंट प्रोग्राम तैयार किया है। जिसके के चलते अब कोई भी टीचर किसी भी बच्चो को बेबफूक, कमजोर नालायक जैसे शब्द इस्तेमाल नहीं कर सकेंगा। अगर कोई शिक्षक, छात्रो से इस तरह की भाषा का उपयोग करता है तो ऐसा किए जाने पर उसे प्रताड़ना माना जाएगा और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल, बाल आयोग ने भोपाल के 271 स्कूलो के जाकर बच्चो से उन्हें होने वाले तनाव के संबंध में चर्चा की। जहां बाल आयोग के सदस्य ब्रजेश चौहान ने बताया कि टीचर के लिए जो बातें छोटी या सामान्य होती है वे बच्चो के लिए बड़ी होती हैं। जब बच्चो से पूछो कि उन्हें सबसे ज्यादा बुरा कब लगता है तो उनका उत्तर होता है कि जब टीचर सबसे सामने डांटती हैं। खासतौर पर माता-पिता के सामने गधा, मूर्ख फिसड्डी या नालायक कहते हैं। दूसरे बच्चो से तुलना करते हैं। कई बच्चो ने तो यहां तक कहा कि उनका मन आत्महत्या तक करने का करता है।  तो सामने आया कि टीचर द्वारा किया तुलनात्मक व्यवहार और परीक्षा के समय पढ़ाई के लिए ज़ोर देने के दौरान सबसे ज्यादा तनाव होता है। इसमें प्रिंसिपल, टीचर और ब्लाक अधिकारियो को प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा। यह प्रशिक्षण कार्याशाला रीजनल इंस्टीट्यूट को तीन फरवरी को आयोजित की जा रही है।

Advertisment
 
प्रधान संपादक समाचार संपादक
सैफु द्घीन सैफी डॉ मीनू पाण्ड्य
Copyright © 2016-17 LOKJUNG.com              Service and private policy              Email : lokjung.saify@gmail.com