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विवाहित पुत्री को अनुकंपा नहीं

भोपाल (अभिलाषा मिश्रा)

कोरोना से जान गँवाने वाले सरकारी कर्मचारीयों की अनुकंपा नियुक्ति मे कर्मचारियों के आश्रितों पर सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के नियम आड़े आ रहे है। योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग में आयुक्त रहे। आरएस राठौर की 20 अप्रैल को कोरोना से मौत के बाद उनके परिवार के किसी सदस्य को नौकरी नहीं दी गई। इसकी वजह बताई की पात्र सदस्य विवाहित पुत्री है, जबकि परिवार की सहमति के बाद विवाहित पुत्री को नौकरी देने के लिए विभाग को आवेदन किया था। और 5 मई को विभाग ने यह मामला जीएडी को भेजा। जीएडी ने अपने अनुकंपा नियुक्ति नियमों का हवाला देते हुये फाइल सांख्यिकी विभाग को लौटा दी। और इसमे कहा की मृतक के परिवार मे पुत्र है, इसलिए विवाहित पुत्री को नौकरी की पात्रता नहीं है। और अब इस मामले में विभाग ने विधि विभाग से राय मांगी है। विभाग ने 2019 में हाईकोर्ट के फैसले की प्रति भी लगाई है। जिसमे खा गाय है की अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में लैंगिक आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता ऐसा भेदभाव संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। कोर्ट के फैसले के दो साल बाद भी जीएडी ने नियम नहीं बदले है। और इधर योजना सांख्यिकी विभाग के आयुक्त अभिषेक सिंह के मुताबिक  प्रदेश में अभी अनुकंपा नियुक्ति के 30 हजार से ज्यादा मामले पेंडिंग है। नियमो का परीक्षण करा रहे है। जीएडी से भी अभिमत मांगा गया है।

 

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