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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बैठी जांच में, मंदिर और मस्जिद की आड़ मे कई अवैध निर्माण मिले

भोपाल (अभिलाषा मिश्रा)

प्रदेश मे अवैध निर्माण से कई रहवासियों को दिक्कत हो रही है। इसी आधार पर एक 12वीं की छात्रा आर्या श्रीवास्तव की याचिका पर एनजीटी ने चार माह पूर्व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जांच के आदेश दिये थे। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने बड़े तालाब किनारे नेहरू नगर से पुराने भदभदा पल के बीच एफटीएल के 50 मीटर दायरे में आने वाली सभी अवैध निर्माणों को हटाने के आदेश दिया है। आदेश के पालन के लिए कलेक्टर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी की एक कमेटी बनदी है। कमेटी से चार सप्ताह के अंदर एक्शन टेकन रिपोर्ट तलब की है। ट्रिब्यूनल ने कलेक्टर को आदेश दिये है की वे राजस्व अफसरों से तालाब के द्क्षिणी हिस्से का सीमांकन कराकर नो – कंस्ट्रक्शन जोन चिन्हित कराएं। और एनजीटी ने 7 अन्य बिन्दुओ पर भी रिपोर्ट मांगी है। इसमे जिले के सभी नदी – तालाबो में मिलने वाले पानी अनट्रीटेड सीवेज, कुल चालू सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट,पीने के लिए सप्लाई होने वाली पानी की गुणवत्ता, जल परिशोधन क्षमता के बीच अंतर की जानकारी सहित जलस्त्रोतों में गंदगी छोड़ने वालों पर कारवाई का विवरण भी शामिल है। एनजीटी ने कलेक्टर को आदेश दिया है कि वह राजस्व, नगर निगम और वेटलैंड अथॉरिटी के 1-1 अफ़सरी कितीम बनाए और सीमांकन कर अतिक्रमण कि वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाए। और इस मामले मे अधिवक्ता धर्मवीर शर्मा ने बताया कि 1951 के रेवेन्यू रिकॉर्ड को आधार बनाकर अतिक्रमण को निर्धारित कर हटाया जाएगा। औए इसकी रिपोरत 15 जुलाई तक पेश करना है।

 

 

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