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भ्रष्टाचार के प्रति शिवराज सरकार का ये कैसा जीरो टोलरैंस लोकायुक्त संगठन द्वारा 20 पत्र भेजने के बाद भी शासन ने नहीं दी, भ्रष्टाचार के आरोपी अधिकारी-कर्मचारियों को अभियोजन स्वीकृति


भोपाल : गृह  विभाग की समीक्षा के दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारियों की लिस्ट बनाओ ईओडब्ल्यू से छापा डलवाया जाएगा | लोकायुक्त संगठन आरोपी अधिकारियों और कर्मचारियों के विभाग को लगातार पत्र भेज रहा हैं ताकि शासन से उनके लिए अभियोजन स्वीकृति मिल जाए, लेकिन आंकड़ों के अनुसार 280 अभियोजन स्वीकृतियां शासन स्तर पर पेंडिंग हैं | इस संबंध में डीजी लोकायुक्त कैलाश मकवाना ने पिछले महीने मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस को रिपोर्ट भेजकर सभी विभागों से अभियोजन स्वीकृति जल्दी दिलवाने की बात कही थी | लोकायुक्त पुलिस के आंकड़ों के अनुसार सबसे ज़्यादा मामले नगरीय आवास और विकास विभाग के लंबित हैं | 2014 से सितंबर 2022 तक की स्थिति में 31 मामले अभियोजन स्वीकृति के लिए पेंडिंग हैं | लगभग 7 सालों से लगातार अभियोजन स्वीकृति मांगी जा रही हैं बड़वानी के पंचायत विभाग में भ्रष्टाचार के मामले में सेंधवा के कार्यपालन अधिकारी सहित 5 आरोपी हैं | भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में हुए एक संशोधन में अभियोजन स्वीकृति संबंधित जांच एजेंसी  को तीन महीने में उपलब्ध कराना होती हैं अगर मांगी गई अभियोजन स्वीकृति से संबंधी विभाग को कोई शंका हैं और जांच एजेंसी से कोई सवाल हैं तो एक महीने का समय और बढ़ा सकते हैं, लेकिन इसके बाद अभियोजन स्वीकृति भेजना होता हैं | प्रदेश के मुखिया

शिवराज कई मौको पर भ्रष्टाचार को लेकर तीखे बयान देते रहे हे मगर उनकी काठी और सरकार कि करनी अंतर साफ देखा जा सकता  है

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सैफु द्घीन सैफी डॉ मीनू पाण्ड्य
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