ब्रेकिंग न्यूज़ इंदौर टी आई भदोरिया सस्पेंड                प्रदेश मे कल से बंद रहेंगी 150 जीनिग फेक्टरी                समाजवादी पार्टी के संरक्षक पूर्व मुख्य मंत्री मुलायम सिंह का दिल्ली मे निधन                भोपाल : निगम की वेबसाइट से गायब हैं महापौर पार्षद                रतलाम : पश्चिम एक्स्प्रेस के फ़र्स्ट एसी कोच की स्प्रिंग टूटी |                भोपाल : पहली बार भोपाल में पुलिस परिवारों के लिए भी गरबा आयोजित                भोपाल : कमलनाथ बोले – शिवराज सरकार झूठ का पुलिंदा हैं                मुरादाबाद : नाबालिग से समूहिक दुष्कर्म, सड़क पर निर्वस्त्र छोड़ा |                नई दिल्ली-- कोमेडियन राजू श्रीवास्तव का लंबी बीमारी के बाद निधन                भोपाल : भोपाल शहर के नए प्रधान आयकर आयुक्त होंगे राजीव वाशर्णेय,अजय अत्री को इंदौर की कमान                भोपाल : इज्तिमा 18 से 21 नवंबर तक पहली बार विदेशी जमात शामिल नहीं होगी                नई दिल्ली : ईरान में महिलाएं हिजाब के खिलाफ सड़क पर हैं                मुंबई : केंद्रीय मंत्री राणे का अवैध निर्माण टूटेगा 10 लाख का जुर्माना लगा                गुना : कांग्रेस नेता ने बेटे को नौकरी दिलाने के नाम पर महिला के साथ ज़्यादती की                जयपुर : राम मंदिर आंदोलन से जुड़े आचार्य धर्मेन्द्र का निधन |                नई दिल्ली : गुजरात के आईपीएस को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत |                मुख्यमंत्री के निर्देश पर झाबुआ के एसपी अरविंद तिवारी सस्पेंड किए गए |                भोपाल, केक काटने को लेकर हुए विवाद में एसआई पर महिला से झूमाझटकी का आरोप                  
बहुचर्चित ई-टेंडर घोटाले के सभी आरोपी बरी जुर्म साबित करने में सरकार रही नाकाम |

भोपाल : ई-टेंडर घोटाला कांड 2018 में हुआ था और इसकी शिकायत 2019 में दर्ज की गई थी इसे करीब - करीब 3 हज़ार करोड़ का घोटाला माना गया हैं | (पीएचई) के जल निगम के टेंडरों में गड़बड़ी से घोटाले का पता चला था ई-प्रोक्योंरमेंट पोर्टल में टेंम्परिंग कर करोड़ो रुपए के विभाग के तीन टेंडरों के रेट बदल दिए थे | मामले का पता चलते ही सरकार ने तुरंत ही तीनों टेंडर निरस्त कर दिए थे उसके बाद लोक निर्माण विभाग, मध्य प्रदेश रोड डेवेलपमेंट कॉर्पोरेशन, जल संसाधन विभाग और पीआईयू के टेंडरों में भी गड़बड़ी पाई गई थी | यह राज्य की राजनीति में भूचाल मचा देने वाला घोटाला था यह मामला 2018 में उस समय उजागर हुआ था जब तात्कालीन भाजपा सरकार चुनाव में जा रही थी | चुनाव में इस मामले ने हड़कंप मचा दिया था

सत्ता में आई | कांग्रेस सरकार ने इस मामले की गहराई से जांच करवाई लेकिन लंबी जांच के बाद भी कोई खास प्रगति नहीं हुई | इस मामले के छह आरोपी सामने आए थे मध्य प्रदेश इलेक्ट्रानिक विकास निगम के ओएसडी नंद किशोर, ओस्मो आईटी सॉल्यूशन के डायरेक्टर वरुण चतुर्वेदी, विनय चौधरी, सुमित गोवलकर, एंटारेस कंपनी के डायरेक्टर मनोहर एमएन और भोपाल के व्यवसायी मनीष खरे आरोपी थे ईओडब्ल्यू ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया था | लेकिन सरकार उनके खिलाफ कोई भी आरोप साबित करने में असमर्थ रही सरकार लोकायुक्त अदालत में यह साबित नहीं कर पाई कि टेंडर में छेड़छाड़ किसने की, इस कारण कोर्ट के स्पेशल जज संदीप कुमार श्रीवास्तव ने टेंडर घोटाले के सभी 6 आरोपियों को बरी कर दिया |

 

Advertisment
 
प्रधान संपादक समाचार संपादक
सैफु द्घीन सैफी डॉ मीनू पाण्ड्य
Copyright © 2016-17 LOKJUNG.com              Service and private policy              Email : lokjung.saify@gmail.com