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भविष्य निधि के गबन कांड में आरोपों से घिरी जेल अधीक्षक उषा राज गबन कांड को अंजाम देने के लिए फर्जी आवेदन, साइन, लैंडलाइन नंबर का उपयोग किया गया |

उज्जैन : केंद्रीय भैरवगढ़  जेल, साल 2021 में महाराष्ट्र निवासी साइबर ठग अमर अनंत अग्रवाल से ठगी कराने के चलते सुर्खियों में आई थी, दरअसल भैरवगढ़ जेल में 100 कर्मचारियों की भविष्य निधि के 13 करोड़ रु. का गबन हुआ था |  इस गबन कांड को अंजाम देने के लिए फर्जी आवेदन, साइन और यहाँ तक की मोबाइल नंबर के बदले लैंडलाइन नंबर का उपयोग किया गया | इस फर्जीबाड़े की तरकीब साइबर एक्सपर्ट की मदद के बिना असंभव थी | पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आशंका जताई हैं कि उज्जैन जेल में बंद रहे महाराष्ट्र निवासी साइबर ठग से संभवत: तकनीकी फर्जीबड़े का तरीका सीखने के बाद ही इतने बड़े गबन कांड को अंजाम दिया गया गया हैं | जब ठग जेल में बंद था तब यहां लेखा शाखा जेल के अंदर ही थी और फरार बाबू रिपुदमन व उससे जुड़े सिपाही यहां कंप्यूटर से सारे कामकाज देखते थे, बाद में लेखा शाखा को जेल के बाहर परिसर में भेज दिया गया था | आशंका हैं कि लेखा शाखा जिस समय जेल के अंदर थी उस दौरान साल 2021 में फर्जीबाड़े का यह तरीका साइबर हैकर व ठग बंदी से सीखा गया व उसके बाद से कर्मचारियों के भविष्य निधि को खाली करते चले गए स्थिति ये बनी कि साल 2023 तक 100 कर्मचारियों के 13 करोड़ रु. न सिर्फ निकल गए बल्कि खाते माइनस में चले गए | कुछ खातों में करोड़ों का लेन – देन भी सामने आया हैं, डेढ़ साल के अंदर फरार बाबू ने अगर रोड विनायक ग्रीन सिटी में एक के बाद एक प्लॉंट भी खरीदे | उधर भविष्य निधि के गबन कांड में आरोपों से घिरी जेल अधीक्षक उषा राज गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा से मिलने के बाद फिर नए सवालों में घिर गईं हैं | वह बकायदा यूनिफ़ार्म में गुरुवार को सुबह उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव के निवास पर पहुंची उस समय जेल अधीक्षक के पास एक फाइल थी, यह फाइल उन्होने गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को सौंपी लेकिन जब मीडिया ने उनसे उस फाइल के बारे में पूछा तो उन्होने मना करते हुए कहा कि मैं मानवता के नाते उच्च शिक्षा मंत्री की माताजी के निधन पर गमी में बैठने आई थी, गृहमंत्री ने मीडिया से कहा कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही कोई निर्णय लेंगे | उधर तराना विधायक महेश परमार ने कहा कि लगता हैं गृहमंत्री अधीक्षक को बचा रहे हैं | सीएसपी अनिल मोर्य ने बताया कि नगर-निगम रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर फरार व संदेही आरोपियों की संपत्ति संबंधी जानकारी मांगी गई हैं | उधर, एसएसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ल ने कहा कि ये भी तय हैं कि जांच के दौरान और भी कई आरोपी सामने आएंगे | पुलिस की एसआईटी प्रमुख डॉ. इंद्रजीत बाकलवार के साथ साइबर व थानों की टीम के साथ ही एक्सपर्ट भी गबन कांड की तह तक जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं | 

 

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सैफु द्घीन सैफी डॉ मीनू पाण्ड्य
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